जय कुल देवी सेवा समिति ,रतलाम

' एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति ना भुतो ना भविष्यति '

भक्तिमय होकर प्रेम से बोलिए " जय कुलदेवी "


 ||  ॐ कुल देवताभ्यो नमः  ||         ||  ॐ पितृ देवताभ्यो नमः  ||         ||  ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नम:  || 

थे ही माँ बाप हो, और थे ही जीवन कि डोर,
थारे आगे कुल रा देवता नहीं चले किसी का जोर
सभी सहारे टूट गये और दुश्मन बने जहान ,
तेरी आशा लगी मुझे मेरे कुल देवत भगवान ,
नजर अगर मेहरबान भी एक बार हो जाये ,
उजड़ा हुआ गुलशन गुले गुलजार हो जाये ।
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हम ईश्वर के विभिन्न रूपो कि पूजा क्यों करते हैं बजाये एक रूप के !!!
जल, जल से ही बर्फ एवं भाप बनती हैं किन्तु दोनों के गुण एवं विशेषता अलग अलग होती हैं|
यदपि हमें प्यास लगी हैं तो हम जल गृहण करते हैं, ठंडे के लिये बर्फ का प्रयोग करते हैं, एवं भाप का उपयोग भी उसके गुणानुसार करते हैं, अत: यह माना जा सकता हैं कि ईश्वर के विभिन्न रूप उनके गुणानुसार और रूपानुसार हमें लाभाविंत करते हैं |

यदा यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत !
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानम सृज्याहम !!

जय कुलदेवी सेवा समिति, रतलाम द्वारा प्रत्येक रविवार को सांय 5 बजे से 7 बजे तक निःशुल्क परामर्श शिविर 40, लक्ष्मी नगर, रत्नेश्वर रोड, रतलाम (मध्य प्रदेश) में श्री पितृ देव मंदिर ( देव स्थान ) पर लगाया जाता हैं कोई भी परेशान व्यक्ति जिसे लगता है की वो काला जादू,भूत-प्रेत, जादू-टोना-टोटका, वशीकरण, तांत्रिक क्रियाओं से परेशान है एक बार अवश्य सम्पर्क करें और निःशुल्क परामर्श प्राप्त करें |
* किसी भी पीड़ित/जायरीन से कोई रुपया नहीं लिया जाता हैं इसलिये किसी भी शख्स को कोई रुपया नहीं दे |


प्रत्येक धर्म के अनुसार दान धर्म से बड़ा ना तो कोई पुण्य है, ना ही कोई धर्म।


" धन के केवल संग्रह से भी अनेकों व्यक्तिगत और सामाजिक बुराइयां पैदा हो जाती हैं जिससे बोझिल होकर मनुष्य कल्याण पथ से भटक जाता है, जीवन की राह पर से फिसल जाता है। इसीलिए कमाने के साथ-साथ धन को दान के माध्यम से परमार्थ में उन्मुक्त होकर अभावग्रस्तों व सुपात्रों को दान देने का परामर्श हमारे शास्त्रकारों ने दिया है। "
जैसा कि किसी गैर लाभकारी संस्था के साथ हमेशा ही होता है कि वह धर्मार्थ और सामाजिक हितार्थ दानकर्ताओं के सहयोग से चलती है । विश्व के अनेकानेक लोग किसी सच्ची और ईमानदार संस्था को परमार्थ और परोपकार के उद्देश्य से अपना बहुमूल्य धन दान करना चाहते हैं । अतः यदि आप दान करने के इच्छुक हैं । और आपका हममें और हमारी संस्था में श्रद्धा विश्वास है । तो आप हमें दान कर सकते हैं । इसके हेतु इच्छुक दानकर्ता व्यक्ति धन जमीन या वस्तु आदि के रूप में सीधे सीधे आकर या बैंक आदि के द्वारा दान कर सकते हैं ।
आप चैक / डीडी के माध्यम से दान कर सकते हैं.(चैक / डीडी "जय कुल देवी सेवा समिति ,रतलाम " के पक्ष में नीचे दिए गए पते पर भेज सकते हैं |)
जय कुल देवी सेवा समिति ,रतलाम
40, लक्ष्मी नगर, रत्नेश्वर रोड
रतलाम (M.P.) 457001


चेक द्वारा भुगतान होने पर जारी की गयी रसीद चेक की रकम प्राप्त होने पर वैध होगी
Reciept of payment made by cheque is issued subject to realisation of the cheque.
या
आप सहयोग राशि सीधे हमारे अकाउंट में जमा करा सकते है, हमारे बैंक खाते का विवरण निम्न है ::-
नाम-जय कुल देवी सेवा समिति ,रतलाम
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), A/C: 00000035391906393
IFSC Code: SBIN0006983
या
PAYPAL.COM : info@JayKulDevi.com
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भविष्य में होने वाले कार्यकर्मो की सूची

सनातन धर्मनुसार क्षति ग्रस्त मंदिरों का जीर्णोद्धार

सनातन धर्मनुसार क्षति ग्रस्त मंदिरों का जीर्णोद्धार

अधिक जानकारी

सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं परिचय सम्मेलन

सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं परिचय सम्मेलन करवाना

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सनातन धर्मनुसार यज्ञ- हवन

सनातन धर्मनुसार भजन संध्या, प्रवचन, सुन्दर कांड, रामयण, कथा ,भंडारा आदि

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प्रमुख धर्मार्थ उद्देश्य

समिति के उद्देश्य

निराश्रित मृतकों के निशुल्क अंतिम संस्कार

गरीब, असहाय एवं निराश्रित मृतकों के अंतिम संस्कार निशुल्क सम्पन्न करवाना एवं अंतिम संस्कारों के स्थानों को विकसित करने हेतु प्रयास करना ।

महिलाओं को शिक्षित करना

विधवा एवं शोषित महिलाओं तथा असहाय, गरीब, निर्धन वर्ग की महिलाओं के पुनर्वास में मदद करवाना तथा उनको शिक्षित करना । शिक्षा केन्द्र का संचालन करना व्यावसायिक शिक्षा का संचालन करना, रोजगार प्रदान करने का प्रयास करना, जागरूक व आत्मनिर्भर बनानेे के लिए केन्द्र स्थापित करना करने हेतु प्रयास करना

गौसेवा

गौमाता की नि:स्वार्थ सेवा संरक्षण एवं गौसेवा के लिए जागरूक करने हेतु प्रयास करना

जनहित में प्रायोजित कम्प्यूटर केन्दों

मघ्यप्रदेश एवं भारत सरकार द्वारा जनहित में प्रायोजित कम्प्यूटर केन्दों का संचालन कर गरीब बालक/बालिकाओं को प्रशिक्षण देने हेतु प्रयास करना ।

आत्मनिर्भर हेतु प्रशिक्षण

महिलाओं के लिये सिलाई, कढ़ाई, जुट, हस्तशिल्प, पापड बडी, आचार इत्यादि का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करने हेतु प्रयास करना ।

कार्यकर्म

कुल देवी की कृपा से सफल कार्यकर्म

तृतीय अंतरराष्ट्रीय परिचय सम्मलेन

तृतीय अंतरराष्ट्रीय परिचय सम्मलेन, दिनांक 15 फरवरी 2018 , समय प्रातः 10 से सायं 5 बजे तक, स्थान दशहरा मैदान ,जावरा (म.प्र.)

कुलदेवी के दरबार में युवक-युवतियों ने परिचय दिया, हुई परिणय की बात

महामहिम राष्ट्रपति जी ने अन्य कार्यक्रमों में व्यवस्ता के कारण हमारा निमंत्रण स्वीकृत नहीं कर सके किन्तु महामहिम राष्ट्रपति जी ने शुभ कामनाये प्रेषित कि है जो कि हमारा प्रेरणा स्त्रोत रही है - विजय सिंह यादव

वीर सिपाही की "अंतिम इच्छा "

जब मेने आतंकवादियो कि गोली से मारे गये ,
वीर सिपाही के शरीर के पास से उसकी डायरी को उठाया ,
तो उसके संस्मरणों में मेने उसकी "अंतिम इच्छा " को इस तरहा लिखा हुआ पाया ,

परमात्मा से पहले कोई पूर्णता तुम्हें रोके तो रूकना नहीं।

रूकना थोड़े ही है। आगे जाना है परमात्मा से पहले कोई पूर्णता तुम्हें रोके तो रूकना नहीं ....